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एक शानदार बिज़नेस आइडिया, 100 दिनों में मिले 100 ग्राहक, आज है 25 हजार करोड़ का वैश्विक ब्रांड

कुछ लोग अपने हुनर और उत्साह के द्वारा कोई भी अवसर छोड़ना नहीं चाहते हैं। इससे मिलता जुलता उदाहरण गिरीश मातृबूथम के साथ हुआ। जब उन्होंने एक आर्टिकल में पढ़ा कि जेनडेस्क ने अपनी कीमत अचानक 60%-300% बढ़ा दी है तो उनके लिए व्यापार के एक अवसर खुल गये। वह जानते थे कि अगर वहाँ एक सस्ता विकल्प आएगा, तो वह ज़रूर ही बहुत हिट साबित होगा।

वह जेनडेस्क के द्वारा किये गये कामों से अवगत थे जिसमें जेनडेस्क, हेल्पडेस्क सॉफ्टवेयर उपलब्ध करने के क्षेत्र में काम कर रहे थे। ज़ोहो के द्वारा मिले सालों के अनुभव और उससे मिले आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने अपनी कंपनी खोली, पर शुरुआती कुछ महीनों में उन्हें बहुत ही संघर्ष झेलना पड़ा।

इस बिज़नेस में अपने कदम रखने के बारे में सोच कर उनकी रातों की नींदे हराम हो गई थी। वह यह बात अपनी पत्नी को भी नहीं बता पा रहे थे। गिरीश ने अपना बहुत सारा वक्त इस क्षेत्र की ऑनलाइन जानकारियाँ इकट्ठी करने में लगाया और अपने दोस्त शान कृष्णासामी के साथ मिलकर फ्रेशडेस्क की शुरुआत की। यह फ्रेशडेस्क अपने ग्राहकों को एक सेवा, सास के रूप में सॉफ्टवेयर का उपयोग करने के लिए उपलब्ध कराता है।

आठ महीनों के कठिन परिश्रम के बाद फ्रेशडेस्क 2011 में अपना पहला प्रोडक्ट लाया। गिरीश ने अपने टीम को यह भरोसा दिलाया कि वह बाज़ार मूल्य के 40% पर काम करे क्योंकि उन्हें  इसे पहले ही विश्व स्तर पर शुरू करना था।

उनका पहला ग्राहक ऑस्ट्रेलिया का था और उसके बाद गिरीश ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनके ग्राहकों में वृद्धि होने लगी। उनकी टीम ने 100 ग्राहक 100 दिनों में और 200 ग्राहक 200 दिनों में बनाने में सफल रहे। प्रोडक्ट बहुत ही सहज था और ग्राहकों को अन्य व्यवसायों के लिए फ्रेशडेस्क का उपयोग करने के लिए प्रेरित करता चला गया।

“मैं अपने हर कर्मचारियों के लिए बीएमडब्लू चाहता हूँ।” — गिरीश

एक और चुनौती गिरीश ने धराशायी कर दिया जब उन्होंने फ्रेशडेस्क के जगह के चुनाव के लिए बेंगलुरू के बजाय चेन्नई को चुना और उस पर डटे रहे। शुरुआती दौर में निवेशक और बिज़नेस सहयोगी विजिट के लिए योजना बनाते और उन्हें मना कर देते थे। उन्हें यह संभव नहीं लग रहा था कि सॉफ्टवेयर सेक्टर में कोई इतने आगे तक चला जायेगा। लेकिन स्थितियां बदली और फ्रेशडेस्क आगे ही आगे बढ़ता चला गया और पूरे विश्व में छा गया।

छह सालों में फ्रेशडेस्क बड़ी तेजी से बढ़ा, बहुत सारे अवार्ड्स जीते, 145 देशों में लगभग 50,000 से भी अधिक ग्राहक फैले हुए हैं। कंपनी में लगभग 500 कर्मचारी हैं और इसका ऑफिस लन्दन, सिडनी और चेन्नई में है। गूगल से पूंजी लेने वाली यह पहली कंपनी बनकर एक मील का पत्थर साबित हुई है।

इनके साथ एक बहुत ही रोचक कथा जुड़ी हुई है कि गिरीश सुपरस्टार रजनीकांत के बहुत बड़े फैन हैं और उनसे प्रेरित भी हैं। उनके ऑफिस की पूरी एक दीवार पर रजनीकान्त की पेंटिंग हुई हैं। ऑफिस का यह रिवाज़ है कि सभी एक साथ मिलकर रजनीकांत की मूवी देखते हैं। हाल ही में गिरीश का रजनीकांत से मिलने का सपना भी पूरा हो गया है।

बहुत ही कम समय में फ्रेशडेस्क को विश्व स्तरीय पहचान मिली है और वह इस खेल के बड़े खिलाड़ी हो चुके हैं। लगभग 500 मिलियन डॉलर की इनकी संपदा है। हम सलाम करते हैं उनके असाधारण कोशिशों को और उनके द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नया मक़ाम हासिल करने के लिए।

अपडेट: साल 2019 में फ्रेशडेस्क ने 1050 करोड़ रुपये की फंडिंग उठाई। इस फंडिंग राउंड में गूगल, एक्सेल पार्टनर्स और सिकोया इंडिया ने भाग लिया था। उस समय कंपनी की वैल्यूएशन करीब 3.5 बिलियन डॉलर अर्थात 25 हजार करोड़ थी।

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